श्रीभोग-आरती
भक्त-वत्सल श्रीगौरहरि का भजन करो। जो श्रीगौरहरि हैं, वे ही श्रीनन्द महाराज व यशोदा मैया के चित्त को हरण करने वाले गोष्ठ-विहारी श्रीकृष्ण हैं। हे दामोदर श्रीकृष्ण! भोजन का समय हो गया है, आओ और भोग मन्दिर में बैठकर भोजन करो। (ऐसा नन्द महाराज जी श्रीकृष्ण को पुकारते हुए कहते हैं)। श्रीनन्द महाराज जी के निर्देशानुसार गिरिवरधारी श्रीकृष्ण जी तथा बलराम जी अपने सखाओं के साथ पंक्ति बना कर बैठ गये। शुकता, साग, भाजि, नालिता, पेठे की सब्जी, दाल, डालना, दुग्ध-तुम्बी, दही, मोचाखण्ड, मूँग की दाल की बड़ियाँ, उड़द की दाल की बड़ियाँ, घी लगी रोटियाँ, घी-युक्त चावल, शष्कुली, पिष्टक, क्षीर, पुलि, पायसन्न, अमृत केलि, रम्भा, क्षीरसार, रसदार सब्जी तथा 12 तरह की चटनियाँ, मैदे की पूरीयाँ, चीनी, सरपूरी, लड्डू तथा रसगुल्ले इत्यादि का कोतूहल के साथ श्रीकृष्ण भोजन करते हैं। राधिका जी के द्वारा पकाये गये चावल इत्यादि विविध प्रकार के व्यंजनों का परमानन्द के साथ श्रीकृष्ण आस्वादन करते हैं। श्रीकृष्ण जी के सखा मधुमंगल जी छल-बल से लड्डू खाते हैं तथा बगल बजा-बजाकर हरिबोल- हरिबोल करते हैं। राधिका जी की सखियाँ तिरछी निगाहों से सब कुछ देख रही हैं तथा श्रीकृष्ण यशोदा भवन में बैठकर तृप्ति के साथ भोजन करते हैं। भोजन करने के बाद श्रीकृष्ण सुवासित जल पान करते हैं तथा इसके बाद जितने भी सखा थे, क्रम से, धीरे-धीरे सभी ने हाथ-मुँह धो लिया। हाथ-मुँह धोकर सभी सखा, बलराम जी के साथ विश्राम लगे। विशालाक्ष सखी मोर पंखा तथा चामर डुलाती हैं। श्रीकृष्ण सुगन्धित जाम्बुल तथा मसाले युक्त ताम्बूल को खाकर अपूर्व शैय्या पर सुखपूर्वक सो जाते हैं। यशोदा जी की आज्ञा पाकर धनिष्ठा द्वारा लाया गया श्रीकृष्ण प्रसाद राधा जी अति-प्रीति के साथ पाती हैं। ललिता आदि सखियाँ, जो अवशेष बचता है, उसे पाती हैं तथा मन-ही-मन राधा-कृष्ण के गुणों का गान करती हैं। हरि-लीला ही जिनका एकमात्र आनन्द है, वे भक्तिविनोद ठाकुर जी, भोग आरती का गान करते हैं। शुकता एक प्रकार की सब्जी, जिसका स्वाद कड़वा होता है। भाजि तले हुये आलू-बैंगन इत्यादि। नालिता पाट वृक्षों के पत्तों का साग डालना पनीर या पपीता अथवा पेठे इत्यादि से निर्मित एक विशेष प्रकार की सब्जी दुग्ध तुम्बी लौकी के दूध से बनी मिठाई मोचा खण्ड केले के फूल से बनी सूखी सब्जी शष्कुली मैदे व दूध की बनी सिंवईं पिष्टक चावल पाऊडर से बनी मिठाई क्षीर खूब काढ़ा हुआ दूध पुलि काढ़े हुए दूध तथा मैदे से बनी मिठाई क्षीरसार दूध की मलाई अमृत केलि विशेष प्रकार की खीर रम्भा केला पायसन्न दूध की खुरचन लुचि मैदे की बनी पूरियाँ सरपूरी दूध की मलाई से बनी मिठाई