अरे भाइयो ! यदि आप लोग इस कलिरूप कुक्कुर (कुत्ते) से बचना चाहते हो तो कलियुग पावनावतारी एवं कलि के भय को नाश करने वाले उन श्रीशचीनन्दन का नाम लो, जो श्रीगदाधर पण्डित और श्रीनित्यानन्दप्रभु जी के प्राणधनस्वरूप एवं श्रीअद्वैताचार्य के द्वारा पूजित होने वाले गौरहरि हैं, जिनके निमाई, विश्वम्भर इत्यादि अनेक नाम हैं, जो श्रीनिवास आचार्य के ईश्वर तथा समस्त भक्तों के चित्त को हरण करने वाले हैं, जो नदिया के चन्द्रस्वरूप एवं श्रीमायापुर के ईश्वर हैं तथा जो नाम प्रदान करने के लिए अवतरित हुए हैं। वे गृहस्थ-आश्रमियों को शिक्षा प्रदान करनेवाले, संन्यासियों के भी शिरोमणि तथा राधाभाव एवं कांति से युक्त माधव हैं। उन्होंने सार्वभौम को मायावाद के चंगुल से निकालकर उसके हृदय को शुद्ध किया तथा राजा प्रतापरुद्र का उद्घार किया एवं श्रीरामानन्दराय को अपनी भक्ति प्रदान कर उनका पालन किया।