कृपा करो हम पर श्यामसुन्दर, हे भक्तवत्सल कहाने वाले।तुम्हीं हो धनु-शर चलाने वाले, तुम्हीं हो मुरली बजाने वाले॥ 1॥
कृपा करो .........तुम्हें पुकारा था द्रौपदी ने, बचाया प्रह्लाद को तुम्हीं ने।तुम्हीं हो खम्बे से आने वाले, तुम्हीं हो साड़ी बढ़ाने वाले॥ 2॥
कृपा करो.......तुम्हीं ने व्रज से प्रलय हटाया, समुद्र पे सेतु बाँध बंधाया।ओ जल पे पत्थर तराने वाले, ओ नख पे गिरिवर उठाने वाले॥ 3॥
कृपा करो ......उधर सुदामा गरीब ब्राह्मण, इधर भी था वो भक्त विभीषण।उसे भी लंका दिलाने वाले, इस पर भी त्रिलोकी लुटाने वाले॥ 4॥
कृपा करो .......हे कौशल्या सुत, यशोदानन्दन,दया करो हे शची के नन्दन।छुड़ा दो मेरे भी जग के फन्दे, ओ गज के फन्दे छुड़ाने वाले॥ 5॥
कृपा करो .......