Bhajana Gīti
Kirtan

हरि बोल मेरी रसना

Gauḍīya Vaiṣṇava Tradition1 min read
KrishnaHarinamBhakti
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हरि बोल मेरी रसना घड़ी-घड़ी,व्यर्थ बिताती है क्यों जीवन मुख मन्दिर में पड़ी-पड़ी॥
हरि बोल ...........जाग उठे तेरी ध्वनि सुनकर, इस काया की कड़ी-कड़ी॥
हरि बोल ...........नित्य निकाल गोविन्द नाम की, श्वास-श्वास से लड़ी-लड़ी॥
हरि बोल ...........बरसा दे प्रभु नाम सुधारस, बिन्दु-बिन्दु से झड़ी-झड़ी॥
हरि बोल ...........

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