Bhajana Gīti
Kirtan

नन्द के आनंद

Gauḍīya Vaiṣṇava Tradition1 min read
KrishnaJanmashtamiUtsav
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नन्द के आनन्द भयो जय कन्हैया लाल की।हाथी दीन्हें, घोड़ा दीन्हें और दीन्हीं पालकी॥रतन दीन्हें, हार दीन्हें, गैया ब्याई हालकी।कंठा और कढूला दीन्हें, मुक्ता दीन्हीं माल की॥कढ़े दीन्हें, छड़ें दीन्हीं, बिन्दी दीन्हीं भाल की।सुरमा दिये, दर्पण दिये, कंघी दीन्हीं बाल की॥जय यशोदा लाल की, जय दाऊ दयाल की।जय बोलो गोपाल की॥

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