नमो ब्रह्मण्यदेवाय गो-ब्राह्मण हिताय च।जगद्-हिताय कृष्णाय गोविन्दाय नमो नमः॥ 18॥
आप ब्रह्मण्य देव, गाय व ब्राह्मणों का हित करने वाले एवं जगत का मंगल करने वाले हो। हे कृष्ण-स्वरूप! हे गोविन्द-स्वरूप! आपको मैं नमस्कार करता हूँ।(18)
आप ब्रह्मण्य देव, गाय व ब्राह्मणों का हित करने वाले एवं जगत का मंगल करने वाले हो। हे कृष्ण-स्वरूप! हे गोविन्द-स्वरूप! आपको मैं नमस्कार करता हूँ।(18)