Bhajana Gīti
Kirtan

आलि! म्हाँने लागे

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KrishnaVrindavanMirabai
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आलि! म्हाँने लागे वृन्दावन नीको।घर घर तुलसी ठाकुर पूजा, दरसन गोविन्द जी को॥ 1॥आली! म्हाँने लागे वृन्दावन नीको।निरमल नीर बहत जमुना में, भोजन दूध दही को।रतन-सिंहासन आप बिराजै, मुकट धरयो तुलसी को॥ 2॥आली! म्हाँने लागे वृन्दावन नीको।कुन्जन कुन्जन फिरत राधिका, सबद सुणत मुरली को।मीरा के प्रभु गिरधर नागर, भजन बिना नर फीको॥ 3॥

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