Bhajana Gīti
Kirtan

परम कृपाला

Gauḍīya Vaiṣṇava Tradition1 min read
KrishnaPrarthanaBhakti
Study with Shastra AIPDF
परम कृपाला, दीन दयाला।करुणा करी निज नैन निहारो॥मैं दास तुम्हारो----क्षमा कीजिये, निज-सेवा दीजिये।मेरे अवगुण लाख हज़ारों॥पतित का बन्धु तू है, मैं चरणों का चेरो।दीनजनन भवबन्ध निवारो, मैं दास तुम्हारो॥

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