Bhajana Gīti
Kirtan

भज मन दीन दयाल

Gauḍīya Vaiṣṇava Tradition1 min read
KrishnaHarinamBhakti
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भज मन दीनदयाल, नटवर गोपाला,गोपाला मुरलीवाला, गोपाला नन्दलाला। भज........भीलनी के बेर, सुदामा के तन्दुल,रुचि रुचि भोग लगायो, नटवर गोपाला। भज........दुर्योधन के मेवा त्यागे, भूख लगी तब उठकर भागे,साग विदुर घर खाये, नटवर गोपाला। भज........ज़हर का प्याला, राणाजी ने भेजा,अमृत दियो बनाय, नटवर गोपाला। भज........सर्पों की पेटी, राणाजी ने भेजी,माला दियो बनाय, नटवर गोपाला। भज........द्रुपदसुता जब दुष्टों ने घेरी, राखि लाज करि न देरी,आकर चीर बढ़ाय, नटवर गोपाला। भज........कृष्ण नाम तूँ भज ले मनवा, भवसागर तर जायेगा।जो न तूने भजन किया, तो फिर पाछे पछतायेगा॥
क्या लेकर तू आया जगत में, क्या लेकर तू जायेगा।मुट्ठी बांधे आया जगत में, हाथ पसारे जायेगा॥
धन दौलत और माल खज़ाना, संग नहीं कुछ जाना है।इस दुनियाँ से रिश्ता तेरा, इकदिन सब छुट जाना है॥
दो दिन यहाँ पड़ा है मूरख, फिर सच्चे घर जायेगा।जो न तूने भजन किया, तो फिर पाछे पछतायेगा॥
मानुष चोला पाया है तो, हरिनाम का जाप करो।चरणभक्ति प्रभु मुझको देकर, मेरा भी उद्धार करो॥
माया मोह को छोड़कर मूरख, तू ऊपर उठ जायेगा।कृष्णनाम तूँ भजले मनवा, भवसागर तर जायेगा॥

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