Bhajana Gīti
Kirtan

प्रभु मैं हूँ तेरे चरणों

Gauḍīya Vaiṣṇava Tradition1 min read
KrishnaBhakti
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प्रभु मैं हूँ तेरे चरणों का दास।तेरे चरण बिसरें न छूटे, बन्धन माया फाँस॥
तेरी माया मोहनी छाया, शक्ति अमिट अपार।यह सब कौन, पार जो पावे, देव-असुर नरनार॥
योगी, ऋषि और तपस्वी, कितने जन्म बितावें।बिना तुम्हारी कृपा अहैतुकी, कौन दरस तेरा पावे॥
पापी नहीं महा अपराधी, कीजिए कृपा कृपाल।केवल है विश्वास तुम्हारो, हे नटवर गोपाल॥

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