Bhajana Gīti
Kirtan

मोहन प्यारे हो

Gauḍīya Vaiṣṇava Tradition1 min read
KrishnaRadhaBhakti
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मोहन प्यारे हो कन्हैया, नाम अनुपम भावे।नन्द के लाला, यशोदादुलाला, सब कोई जन गावे, कन्हैया॥ 1॥
राधारमण मदनमोहन प्रभु, यमुना - पुलिनबिहारी।कृष्ण गोविन्द मुरलीमनोहर, गोवर्धन गिरिधारी, कन्हैया॥ 2॥
अघ-बक-पूतना-कंस के नाशक, राधाकुण्डतट वनचारी।व्रजजनरन्जन गोपीप्रमोदन, चन्चल नटन, मुरारि, कन्हैया॥ 3॥
मधुर नाम अवतार तुम्हारा, दीनजनन आधार।नाम-रूप में भेद न कोई, कीजिये कृपा मुरार,कन्हैया॥ 4॥
ऐसा और नहीं पापी जन, जैसा मैं हूँ नाथ।निजजन शरण देहो करुणामय, कीजिये मोहे सनाथ॥ 5॥

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