Kirtanहिन्दी-कीर्त्तनGauḍīya Vaiṣṇava Tradition1 min readBhaktiBookmarkSharePDFKirtan modeदेवनागरीA-A+भजन वही गाने चाहियें जो किसी शुद्ध भक्त द्वारा रचित हों याअनुमोदित हों। कपोल-कल्पित या भगवद्विमुख अशरणागत व्यक्ति द्वारारचित या गाए गए , हरिभजन की तरह लगने वाले , भजन को गाने से निश्चितही मंगल में सन्देह रहता है।Previousअष्टम-याम-कीर्तनNextहे मेरे गुरुदेव करुणा