Bhajana Gīti
Kirtan

और कौन है

Gauḍīya Vaiṣṇava Tradition1 min read
KrishnaMahaprabhuBhakti
Study with Shastra AIPDF
और कौन है ऐसा प्रभु दयालु महान।प्रेमदाता शिरोमणि पतितपावन॥ 1॥गोलोकधाम में बैठत जो है।भक्तों के चित्तहारीनदीया में अब प्रकटे सो है।अपने प्रेम-भिखारी॥ 2॥भाव-मग्न सदा नाचत रंगे।नाम अनुक्षण भक्तों के संगेभ्रमत गौरहरि प्रेम तरंगे।देखत जग जन पुलकित अंगे॥ 3॥पापी-तापी-नीच छोड़त नांहि।व्रज-प्रेम बांटत देखत जो हीराधा माधव जू का देहो प्रसाद।श्रीचैतन्य गोसाईं ॥ 4॥

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