श्रीह्लादिनी - स्वरूपाय गौरांग-सुहृदे सते।भक्तशक्ति-स्वरूपाय गदाधर! नमोऽस्तु ते॥ 14॥
आप भगवान श्रीकृष्ण जी की ह्लादिनी शक्ति राधाजी हो, आप श्रीगौरांग महाप्रभु जी के नित्य सुहृद हो। हे भक्त-शक्ति-स्वरूप, श्रीगदाधर जी! आपको नमस्कार है।(14)
आप भगवान श्रीकृष्ण जी की ह्लादिनी शक्ति राधाजी हो, आप श्रीगौरांग महाप्रभु जी के नित्य सुहृद हो। हे भक्त-शक्ति-स्वरूप, श्रीगदाधर जी! आपको नमस्कार है।(14)