श्रीवास-पण्डितं नौमि गौरांगप्रियपार्षदम्।यस्य कृपा-लवेनापि गौरांगे जायते रतिः ॥ 15॥
आप श्रीवास पंडित जी के नाम से प्रसिद्ध, श्रीगौरांग महाप्रभु जी के ऐसे प्रिय पार्षद हो कि जिनकी लव-मात्र कृपा से श्रीगौरांग महाप्रभु जी में प्रीति उत्पन्न हो जाती है। (15)