Bhajana Gīti
Kirtan

श्रीगौरांगमहाप्रभु-प्रणाम

Gauḍīya Vaiṣṇava Tradition1 min read
KrishnaMahaprabhuBhakti
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नमो महावदान्याय कृष्णप्रेमप्रदाय ते।कृष्णाय कृष्णचैतन्यनाम्ने गौरत्विषे नमः॥ 11॥

हे श्रीगौरांग महाप्रभो! आपके लिये हमारा कोटिशः प्रणाम है; क्योंकि आप बहुत समय से न दी गयी व्रजसंबंधिनी प्रेमलक्षणा भक्ति के दाता होने के कारण महावदान्य हो, अतः श्रीकृष्ण संबंधी प्रेम को देने वाले हो, आप साक्षात् श्रीकृष्ण स्वरूप हो। आप श्रीकृष्णचैतन्य नामवाले हो, तथा गौरकान्ति वाले हो। (11)

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