Bhajana Gīti
Kirtan

श्रीवैष्णव प्रणाम

Gauḍīya Vaiṣṇava Tradition1 min read
Bhakti
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वाञ्छाकल्पतरुभ्यश्च कृपासिन्धुभ्य एव च।पतितानां पावनेभ्यो वैष्णवेभ्यो नमो नमः ॥ 10 ॥

अपने आश्रितजनों की अभिलाषा पूर्ति के लिये कल्पवृक्षस्वरूप एवं कृपा के सिन्धुस्वरूप, तथा पतितजनों को पावन बनाने वाले वैष्णवों के लिये हमारा बारम्बार नमस्कार है।(10)

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