हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे।हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
प्रभु कहे, कहिलाम एइ महामन्त्र।इहा जप’ गिया सब करिया निर्बन्ध॥
इहा हैते सर्वसिद्धि हइबे सबार।सर्वक्षण बल’ इथे विधि नाहि आर॥
नाम बिना कलिकाले नाहि आर धर्म।सर्वमन्त्रसार ‘नाम’ एइ शास्त्र - मर्म॥
यदि आमा प्रति स्नेह थाके सबाकार।तबे कृष्ण व्यतिरिक्त ना गाइबे आर॥
साध्य - साधनतत्त्व ये किछु सकल।हरिनाम - संकीर्त्तने मिलिबे सकल॥