नमो गौरकिशोराय साक्षाद्वैराग्यमूर्त्तये ।विप्रलम्भरसाम्भोधे! पादाम्बुजाय ते नमः ॥ 7 ॥
वैराग्यरस के साक्षात् मूर्तिस्वरूप ऊँ विष्णुपाद परमहंस 108श्री श्रीमद् गौरकिशोर दास बाबाजी महाराज के लिये हमारा नमस्कार है। हे विप्रलंभरस के समुद्र-स्वरूप प्रभो! आपके श्रीचरणारविन्दों में हमारा प्रणाम है।(7)