Bhajana Gīti
Kirtan

जय जय श्रीकृष्ण चैतन्य

Gauḍīya Vaiṣṇava Tradition1 min read
KrishnaMahaprabhuNityanandaBhakti
PDF
जय जय श्रीकृष्णचैतन्य नित्यानन्द।जयाद्वैतचन्द्र जय गौरभक्तवृन्द॥
कृपा करि’ सबे मिलि करह करुणा।अधम पतित जने ना करिह घृणा॥
ए तिन संसार-माझे तुया पद सार।भाविया देखिनु मने—गति नाहि आर॥
से पद पावार आशे खेद उठे मने।व्याकुल हृदय सदा करिये क्रन्दने॥

Continue the Journey