Bhajana Gīti
Kirtan

श्रील माधव गोस्वामी महाराज-प्रणाम

Śrīla Rūpa Gosvāmī1 min read
Guru TattvaKrishnaJagannathBhakti
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नम ॐ विष्णुपादाय रूपानुग प्रियाय च।श्रीमते भक्तिदयितमाधवस्वामी - नामिने॥
कृष्णाभिन्न-प्रकाश-श्रीमूर्त्तये दीनतारिणे।क्षमागुणावताराय गुरवे प्रभवे नमः॥
सतीर्थप्रीतिसद्धर्म - गुरुप्रीति - प्रदर्शिने।ईशोद्यान - प्रभावस्य प्रकाशकाय ते नमः॥
श्रीक्षेत्रे प्रभुपादस्य स्थानोद्धार - सुकीर्तये।सारस्वत गणानन्द - सम्वर्धनाय ते नमः॥ 5 ॥

श्रीरूपगोस्वामी के अनुगत एवं उनके प्रियजन विष्णुपादपद्म-स्वरूप नित्यलीला प्रविष्ट 108 श्री श्रीमद्भक्ति दयित माधव महाराज नाम वाले गुरुदेव को नमस्कार है। श्रीकृष्ण की अभिन्न प्रकाशमूर्ति, दीनों को तारने वाले, क्षमागुण के अवतार और अकारण करुणावरुणालय-स्वरूप गुरुदेव को नमस्कार है। अपने गुरु-भाइयों में प्रीतियुक्त, सद्धर्म परायण, गुरु-प्रीति के प्रदर्शक और श्रीधाम मायापुर में ईशोद्यान नामक स्थान के प्रभाव को प्रकाश करने वाले गुरुदेव को नमस्कार है। श्रीपुरीधाम स्थित प्रभुपाद जी के जन्मस्थान का उद्धार करने वाले, सुकीर्तिमान, सरस्वती ठाकुर प्रभुपाद जी के प्रिय पार्षदों के आनन्द- वर्धनकारी—गुरुदेव को नमस्कार है।(5)

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