Bhajana Gīti
Kirtan

हरि से लागि रहो

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Bhakti
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हरि से लागि रहो रे भाई! तेरी बनत-बनत बन जायी।अंका तरे बंका तरे, तरे सुजन कसाई।शुआ पढ़ाके गणिका तरे, तरे मीराबाई॥
हरि से लागि रहो रे भाई .........ऐसी भक्ति कर रे मित्र, छोड़ कपट चतुराई।सेवा, वन्दन और दीनता, सहजे मिले यदुराई॥
हरि से लागि रहो रे भाई ........

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