Kirtan
श्रीकृष्ण प्रणाम
Gauḍīya Vaiṣṇava Tradition1 min read
KrishnaRadhaBhakti
हे कृष्ण! करुणासिन्धो! दीनबन्धो! जगत्पते!गोपेश! गोपिकाकान्त! राधाकान्त! नमोऽस्तु ते॥ 21॥
हे करुणासिन्धो! हे दीनबन्धो! हे जगत्पते! हे गोपेश! हे गोपीकान्त! हे राधावल्लभ! श्रीकृष्ण! प्रभो! आपके लिये मेरा कोटिशः प्रणाम है॥ (21)