Bhajana Gīti
Kirtan

कभी कभी भगवान को

Gauḍīya Vaiṣṇava Tradition1 min read
Bhakti
Study with Shastra AIPDF
कभी कभी भगवान को भी भक्तों से काम पड़े।जाना था गंगा पार प्रभु केवट की नाव चढ़े॥
अवध छोड़ प्रभु वन को धाये, सियाराम लखन गंगा तट आये।केवट मन ही मन हरसाये, घर बैठे प्रभु दरशन पाये।हाथ जोड़कर प्रभु के आगे केवट मगन खड़े॥जाना था गंगा पार प्रभु केवट की नाव चढ़े...
प्रभु बोले तुम नाव चलाओ, पार हमें केवट पहुँचाओ,केवट बोला सुनो हमारी, चरण धूलि की महिमा भारी।मैं गरीब नैया मोरी, नारी न होय पड़े॥जाना था गंगा पार प्रभु केवट की नाव चढ़े...
केवट दौड़ के जल भर लाये, चरण धो, चरणामृत पाये,वेद ग्रन्थ जिनके यश गावें, केवट उनको नाव चढ़ावे।बरसे फूल गगन से ऐसे, भक्त के भाग बड़े॥जाना था गंगा पार प्रभु केवट की नाव चढ़े...
चली नाव गंगा की धारा, सियाराम लखन को पार उतारा,प्रभु देने लगे नाव उतराई, केवट बोला नहीं रघुराई।पार किया मैंने प्रभु तुमको, अब तुम मोहे पार करो॥जाना था गंगा पार प्रभु केवट की नाव चढ़े...

Continue the Journey