राधे तेरे चरणों की यदि धूल ही मिल जाये,सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाये।सुनते हैं तेरी महिमा दिन-रात बरसती है,एक बूँद जो मिल जाये, मन की कली खिल जाये।राधे तेरे चरणों की . . . . . . . . . .मेरा मन बड़ा चञ्चल है, कैसे तेरा भजन करूँ,जितना इसे समझाऊँ, उतना ही मचल जाये।राधे तेरे चरणों की . . . . . . . . . .राधे मन से गिराना ना, चाहे कुछ भी सज़ा देना,एक बार जो गिर जाये, मुश्किल ही संभल पाये।राधे तेरे चरणों की . . . . . . . . . .राधे इस जीवन की बस एक तमन्ना है,तुम सामने हो मेरे, मेरा दम ही निकल जाये।राधे तेरे चरणों की यदि धूल ही मिल जाये॥