Kirtan
कृष्ण चैतन्य अद्वैत
Gauḍīya Vaiṣṇava Tradition1 min read
KrishnaMahaprabhuNityanandaJagannathBhakti
कृष्णचैतन्य अद्वैत प्रभु नित्यानन्द,गदाधर श्रीनिवास मुरारि मुकुन्द।स्वरूप-रूप-सनातन-पुरी-रामानन्द॥
निताइ गौरांग, निताई गौरांग,प्रेम दाता शिरोमणि, निताई गौरांग।अब की बार दया करो, निताई गौरांग,अपराध क्षमा करो, निताइ गौरांग।सेवा अधिकार देओ, निताइ गौरांग॥