श्री भजन-गीति (संपूर्ण ग्रंथ)

श्री चैतन्य गौड़ीय मठ · प्रामाणिक वैष्णव संकीर्तन संग्रह

Mark

श्री चैतन्य गौड़ीय मठ

श्री राधा-माधव मन्दिर, जालंधर

सर्व वैष्णव गीत संग्रह एवं अष्टयाम लीला कीर्तन

मंगलाचरण एवं प्रणाम
श्री चैतन्य गौड़ीय मठ

मंगलाचरण (सपरिकर-श्रीहरि-गुरु-वैष्णव वन्दना)

❖ Śrī Gauḍīya Vaiṣṇava Tradition ❖

वन्देऽहं श्रीगुरोः श्रीयुतपदकमलं श्रीगुरून् वैष्णवांश्च,

श्रीरूपं साग्रजातं सहगण - रघुनाथान्वितं तं सजीवम्।

साद्वैतं सावधूतं परिजनसहितं कृष्णचैतन्यदेवं,

श्रीराधाकृष्णपादान् सहगण-ललिता श्रीविशाखान्वितांश्च॥ 1॥

॥ श्री हरिबोल ॥पृष्ठ 1
100%
Spread1/129